चार डॉक्टरों पर चिकित्सा पदाधिकारी ने किया नामजद प्राथमिकी,मचा हड़कंप।

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चार डॉक्टरों पर चिकित्सा पदाधिकारी ने किया नामजद प्राथमिकी,मचा हड़कंप।

शहाबुद्दीनअहमद/बेतिया।

रामनगर पुलिस ने संजीवनी हेल्थ केयर के चार डॉक्टरों पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के आवेदन पर नामजद अभियुक्त बनाया गया है।थानाअध्यक्ष,दीपक कुमार ने संवाददाता को बताया कि रामनगर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, डॉक्टर ने लिखितआवेदन देकर बताया है कि अनुमंडल कार्यालय से मिले निर्देश पर संजीवनी हेल्थ केयर नारायणपुर की जांच हुई,इस अस्पताल में मिले लेटर पैड, पर चार चिकित्सक के नाम अंकित थे,जिसमें डॉक्टर कमरुज्जमा,नंदलाल यादव, कीर्ति यादव,संदीप यादव के नाम थे,चारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई। संवाददाता को पता चला है कि बीते तीन दिनों से एक महिला सोनी खातून की संध्यहासपद स्थिति में मौत ने प्रशासन के होश उड़ा दिया, हालांकि अभी भी जिला के चिकित्सकों कीआड़ लेकर नगर के दर्जनोंअस्पताल का संचालन किया जा रहा है, इसमें कई के सारी डिग्री फर्जी लिखी गई है,तो कई के नगर में दर्जनों की संख्या में बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल का संचालन किया जा रहा है।सिविल सर्जन बेतिया मूकदर्शक बने हुए हैं,
घूसखोरी का बाजार गर्म है,
कई पर गलत डॉक्टर का नाम उनका डेजिग्नेशन,डिग्री, उनका पता उनका मोबाइल नंबर गलत लिखकर रोगियों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है,फिर भी जिला प्रशासन/जिलाअस्पताल प्रशासन/ सिविल सर्जन की नींद नहीं खुल रही है,इन्हीं लोगों के संरक्षण में ऐसे क्लीनिक चल रहे हैं,जिनका कोई निबंध नहीं है।

शहाबुद्दीनअहमद/बेतिया।

रामनगर पुलिस ने संजीवनी हेल्थ केयर के चार डॉक्टरों पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के आवेदन पर नामजद अभियुक्त बनाया गया है।थानाअध्यक्ष,दीपक कुमार ने संवाददाता को बताया कि रामनगर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, डॉक्टर ने लिखितआवेदन देकर बताया है कि अनुमंडल कार्यालय से मिले निर्देश पर संजीवनी हेल्थ केयर नारायणपुर की जांच हुई,इस अस्पताल में मिले लेटर पैड, पर चार चिकित्सक के नाम अंकित थे,जिसमें डॉक्टर कमरुज्जमा,नंदलाल यादव, कीर्ति यादव,संदीप यादव के नाम थे,चारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई। संवाददाता को पता चला है कि बीते तीन दिनों से एक महिला सोनी खातून की संध्यहासपद स्थिति में मौत ने प्रशासन के होश उड़ा दिया, हालांकि अभी भी जिला के चिकित्सकों कीआड़ लेकर नगर के दर्जनोंअस्पताल का संचालन किया जा रहा है, इसमें कई के सारी डिग्री फर्जी लिखी गई है,तो कई के नगर में दर्जनों की संख्या में बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल का संचालन किया जा रहा है।सिविल सर्जन बेतिया मूकदर्शक बने हुए हैं,
घूसखोरी का बाजार गर्म है,
कई पर गलत डॉक्टर का नाम उनका डेजिग्नेशन,डिग्री, उनका पता उनका मोबाइल नंबर गलत लिखकर रोगियों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है,फिर भी जिला प्रशासन/जिलाअस्पताल प्रशासन/ सिविल सर्जन की नींद नहीं खुल रही है,इन्हीं लोगों के संरक्षण में ऐसे क्लीनिक चल रहे हैं,जिनका कोई निबंध नहीं है।

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