- ठाकुरगंज के बालूबाड़ी में चामा पब्लिक स्कूल में डीटीएसई डॉक्टर जॉन टायलेट सर्च इग्जा़म आयोजित, बच्चों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग
ठाकुरगंज (किशनगंज)। रविवार को ठाकुरगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बालूबाड़ी स्थित चामा पब्लिक स्कूल परिसर में बच्चों के नामांकन से पूर्व
डीटीएसई डॉक्टर जॉन टायलेट परीक्षा का आयोजन किया गया। इस परीक्षा का उद्देश्य बच्चों की शैक्षणिक क्षमता, समझ और प्रतिभा का आकलन कर उन्हें उपयुक्त कक्षाओं में नामांकन का अवसर प्रदान करना रहा। परीक्षा में बड़ी संख्या में बच्चे-बच्चियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर डॉ इजहार अंसारी की विशेष मौजूदगी रही।इस दौरान चामा पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर ने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम है। प्रतिभाशाली बच्चों को सही दिशा और बेहतर माहौल मिले, यही इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के बच्चों में भी अपार प्रतिभा होती है, जरूरत है तो सिर्फ उन्हें अवसर देने की।
कार्यक्रम के दौरान चामा पब्लिक स्कूल के मार्गदर्शक मौलाना गुलाम हैदर ने कहा कि बच्चों की हायर एजुकेशन को ध्यान में रखते हुए स्कूल में हर प्रकार की आधुनिक शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि बच्चों के रहने, खाने और पढ़ाई के लिए मुकम्मल इंतजाम किए गए हैं, ताकि छात्र बिना किसी परेशानी के शिक्षा ग्रहण कर सकें। मौलाना गुलाम हैदर ने यह भी कहा कि कमजोर और आर्थिक रूप से असमर्थ परिवारों के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च डॉक्टर जॉन की ओर से वहन किया जाता है, जिससे कोई भी बच्चा केवल गरीबी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
वहीं कार्यक्रम में मौजूद मुफ्ती आफाक आलम ने कहा कि सुरजापुरी क्षेत्र जैसे पिछड़े इलाके में चामा पब्लिक स्कूल का खुलना बेहद खुशी और गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इस स्कूल से क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा और उनका भविष्य उज्ज्वल बनेगा। उन्होंने शिक्षा के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करते हैं।
- परीक्षा के दौरान स्कूल परिसर में अनुशासन और व्यवस्था देखने को मिली। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की परीक्षाओं से बच्चों की प्रतिभा सामने आती है और उन्हें बेहतर मार्गदर्शन मिलता है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन के अंत में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
















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