भरगामा के धनेश्वरी पंचायत में मनरेगा सिर्फ कागजों पर? NMS ऐप पर 35 मजदूरों की फर्जी हाजरी का आरोप
जिला अररिया के प्रखंड भरगामा अंतर्गत धनेश्वरी पंचायत में मनरेगा योजना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि जिस योजना का उद्देश्य ग्रामीण मजदूरों को 100 दिनों की रोजगार की गारंटी देना है, वही योजना अब सिर्फ कागजों और मोबाइल ऐप तक सीमित होती नजर आ रही है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार NMS ऐप पर 35–35 मजदूरों की फर्जी हाजरी दर्ज की जा रही है, जबकि धरातल पर कार्य की स्थिति संदिग्ध बताई जा रही है।
और हैरानी की बात यह है कि संबंधित वार्ड सदस्य ने भी बताया कि “मेरे वार्ड में काम दिखाया जा रहा है, लेकिन मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है।” ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर बिना जनप्रतिनिधियों की जानकारी के काम कैसे दिखाया जा रहा है?
मामले को लेकर जब हमारे पत्रकार साथी ने पंचायत रोजगार सेवक से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि “मेरी भतीजी की शादी है।” लेकिन बड़ा सवाल यह है कि यदि रोजगार सेवक मौके पर मौजूद नहीं हैं, तो फिर हाजरी कौन लगा रहा है? क्या रोजगार सेवक खुद मेठ बनकर घर बैठे मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं?
क्या वास्तव में मजदूर काम कर रहे हैं या फिर सिर्फ ऐप पर हाजरी लगाकर सरकारी राशि की निकासी की जा रही है?
यह पूरा मामला अब जांच का विषय बन चुका है।
मनरेगा योजना की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
क्या प्रशासन इस मामले में संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच करेगा?
अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या दोषियों पर कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
भरगामा के धनेश्वरी पंचायत में मनरेगा सिर्फ कागजों पर
















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