वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में दिखी उड़ने वाली गिलहरी।
वन कर्मियों ने घटना की सूचना पर किया रेस्क्यू।
वाल्मीकि नगर
वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना वन प्रमंडल 2 के वाल्मीकि नगर वन क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के शाकाहारी व मांसाहारी जीव जंतुओं के अलावा विभिन्न प्रकार के पशु पक्षी भी पाए जाते हैं।
साथ ही दुर्लभ प्रजाति के जीव जंतु भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहते हैं।इसी क्रम में बुधवार की शाम जल संसाधन विभाग के ई टाइप गंडक कॉलोनी में स्थित आई बी ऑफिस के निकट सड़क के किनारे एक दुर्लभ प्रजाति का गिलहरी दिखाई दी। आई बी ऑफिस के गार्ड सुमित कुमार के द्वारा उसे देख इसकी सूचना वन कार्यालय को दी।जानकारों की माने तो ,यह उड़ने वाली गिलहरी यानी फ्लाइंग स्क्विरल है।जो आगे और पीछे के पैरों के बीच खाली त्वचा की झिल्ली का उपयोग करके उड़ान भरने में सक्षम होती है।यह मुख्य रूप से पूर्वी दक्षिण ,दक्षिण एशिया और मध्य चीन में पाई जाती है।
इस बाबत पूछे जाने पर वाल्मीकि नगर वन क्षेत्र अधिकारी अमित कुमार ने दूरभाष पर बताया कि यह साधारण (सामान्य) गिलहरी है। जिसे वन कर्मियों के द्वारा रेस्क्यू कर जटाशंकर वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया है।
















Leave a Reply