संघर्ष, सेवा और संकल्प की मिसाल बनीं समाजसेवी आरती कुमारी
मुजफ्फरपुर (मोतीपुर):
जिला मुजफ्फरपुर के प्रखंड मोतीपुर अंतर्गत पंचायत पकड़ी के वार्ड नंबर —— की रहने वाली समाजसेवी आरती कुमारी आज समाज के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण बन चुकी हैं। लंबे समय से वह महिलाओं की मदद, सहयोग और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत रही हैं।
कुछ समय पूर्व उनके पति के आकस्मिक देहांत ने उनके जीवन को गहरे दुख में डाल दिया, लेकिन इस कठिन परिस्थिति में भी आरती कुमारी ने हिम्मत नहीं हारी। जिस दौर में अधिकांश महिलाएं पति के निधन के बाद खुद को असहाय महसूस करने लगती हैं, उसी दौर में आरती कुमारी ने अपने तीन बच्चों की जिम्मेदारी पूरी मजबूती के साथ अपने कंधों पर उठाई और मेहनत, लगन व आत्मविश्वास के बल पर उनका पालन-पोषण कर रही हैं।
आरती कुमारी की पहचान सिर्फ एक संघर्षशील मां के रूप में ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील समाजसेवी के रूप में भी है। कहा जाता है कि वह खुद भूखी रहकर दूसरों को खिलाना पसंद करती हैं, एक रोटी में आधी रोटी बांटकर खाने वाली उनकी सोच उन्हें आम लोगों से अलग बनाती है। महिलाओं के सुख-दुख में साथ खड़े रहना और जरूरतमंदों की मदद करना उनके जीवन का उद्देश्य बन चुका है।
ऐसी महिलाएं समाज के लिए मिसाल होती हैं, जो विपरीत हालात में भी न सिर्फ खुद को संभालती हैं, बल्कि दूसरों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
नववर्ष 2026 के अवसर पर आरती कुमारी ने अपने क्षेत्र की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए कहा कि “नए साल की शुरुआत नई सोच के साथ होनी चाहिए। हर इंसान को इंसान और इंसानियत का ख्याल रखना चाहिए। जब समाज में एक-दूसरे के लिए संवेदना और सहयोग होगा, तभी सच्चा विकास संभव है।”
उनका जीवन संघर्ष, सेवा और संकल्प की वह कहानी है, जो समाज की हर महिला को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देती है।
सिनियर रिपोर्टर बिहार
A.T.






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