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वाल्मीकि नगर के दरुआवारी गांव में महाप्रजापति गौतमी महापरित्याग पथ प्रथम स्मरणोत्सव कार्यक्रम का आयोजन।

वाल्मीकि नगर थाना क्षेत्र के दरुआवारी गांव के समीप वीटीआर क्षेत्र में स्थित टेढ़ी सागर माई स्थान पोखरा पर शनिवार की दोपहर लाइट ऑफ बौद्धधर्म फाउण्डेशन इंटरनेशनल इंडिया द्वारा आयोजित महा प्रजापति गौतमी के महा प्रित्याग पथ के प्रथम स्मरणोत्सव कार्यक्रम के तहत लगभग 13 देश के दर्जनों बौद्धिस्ट महिलाएं यहां पहुंच कर पूजा अर्चना की।इसमें श्रीलंका से भगवान बुद्ध के शरीर के अवशेष को भी लाया गया था।इस बाबत जानकारी देते हुए फाउंडेशन के कार्यकर्ता दीपक आनंद ने बताया कि भगवान बुद्ध की मां महाप्रजापति गौतमी थी। ने भी अपने घर का परित्याग की थी।उनके साथ 500 महिलाएं थी।जो कपिलवस्तु नेपाल से वैशाली भ्रमण पर गई थी।इस दौरान यहां भी आई थी।जब भगवान बुद्ध अपने घर का परित्याग किया था।तब गंडक नदी जो उस समय अनोमा घाट के नाम से जाना जाता था, को पार कर यहां आए थे।और उन्होंने अपने बाल का परित्याग यहीं किया था।इसकी जानकारी आशियान आमिंसर से मिलती है। जो नेपाल के रामा ग्रामा से आए थे। और उन्होंने बताया था, कि यहां तीन स्तूप हैं।जिसमें पहला बावनगढ़ी मंदिर है।पहले वहां एक छोटा सा मंदिर था।जिसे अब बड़ा बना दिया गया है। वहां लगे छोटे-छोटे ईंट जो पुषण काल की है।यहां सागर पोखरा के समीप स्थित खेत में है। तथा तीसरा जंगल में है।इस बात की सबूत वहां स्तूप में लगे प्राचीन काल की ईंटें हैं।उन्होंने बताया कि जब मैं सन 2020 वाल्मीकि नगर में आया था। तो इसे मै देखा था।और उन्होंने बताया कि जब भगवान बुद्ध घर को त्यागने के बाद यहां पहुंचे तो एक जगह अपने घोड़े को छोड़ दिया।एक जगह अपने कपड़े को भिखारी को दे दी।तथा यहां अपने बाल का त्याग कर दिया था।ये वही जगह है।लगभग 2000 वर्षों से यह जगह खो गया था।अब इसकी पहचान हुई है। तब यहां पहली बार पूजा अर्चना बौद्ध भिक्षुणी द्वारा किया जा रहा है। अब हर वर्ष यहां पूजा की जाएगी।ग्रामीण और प्रशासन के सहयोग से यहां के एस्ट्रेक्चर को बदला जाएगा।हालांकि यहां के वातावरण को शुद्ध प्राकृतिक का ही रूप दिया जाएगा। *सुरक्षा का था पुख्ता इंतजाम*: अनुमंडल पदाधिकारी गौरव कुमार के नेतृत्व में पूजा स्थल सागर पोखरा पर सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया था।जिसमें बीडीओ बिड्डू कुमार राम, वाल्मीकि नगर थानाध्यक्ष मुकेश चंद्र कुमर,मनरेगा पी ओ आनंद दास ने सुरक्षा का कमान संभाला था। *स्कूली बच्चों ने किया स्वागत*: दरुआबरी स्थित स्कूल राजकीय उत्क्रमित के छात्राओं ने बौद्ध भिक्षुणियों के स्वागत में स्वागत गान तथा पुष्प वर्षा किया।
*हस्त निर्मित समान का लगा स्टॉल*: महात्मा गांधी सेवा आश्रम व एच डी एफ सी के द्वारा संचालित परियोजना के सक्षम के तहत आदिवासी महिलाओं के द्वारा थारू संस्कृति एवं अनूठे कला से जुड़ा कलाकृति का नमूना पेश किया गया।जिसमें गुलदस्ता,आसानी,मेज,टोपियों सहित कई अन्य समानों का स्टॉल लगाया गया था।इस बात की पुष्टि संस्था के राज्य समन्वयक धनंजय द्विवेदी ने की। जो काफी आकर्षक रहा। इस मौके पर स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया था।वही संतपुर सोहरिया पंचायत के मुख्य प्रतिनिधि को रमेश महतो ने भिक्षुणियों को पूजा अर्चना में कोई परेशानी ना हो व्यवस्था को चाक चौबंद किया था। इस अवसर पर प्रखंड बगहा 2 प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विजय कुमार यादव,प्रधानाध्यापक राजकुमार शर्मा,मनरेगा समीर कुमार सहित दर्जनों ग्रामीण और अधिकारी मौजूद रहे।

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