नेपाल के अनोमा घाट पर पहुंचे भारत सहित 13 देश के दर्जनों बौद्ध भिक्षुओं की टोली।
सुस्ता गांव पालिका के नागरिकों व पदाधिकारी ने बौद्ध भिक्षुकों का किया भव्य रूप से स्वागत
- पड़ोसी देश नेपाल के सुस्ता गांव पालिका के वार्ड नं पांच के अनोमा घाट पर शुक्रवार को लुंबनी से बौद्ध भिक्षुओं की टोली पहुंची। बौद्ध भिक्षुओं की टोली का भव्य रूप से स्वागत स्थानीय निवासियों तथा अनोमा घाट के पदाधिकारियों ने किया।अनोमा घाट पर पहुंचने वाले बौद्ध भिक्षुओं की टोली में अमेरिका,ऑस्ट्रेलिया,थाईलैंड, म्यांमार,ताइवान, भारत सहित 13 देश के दो दर्जनों से अधिक बौद्ध भिक्षु शामिल थे।अनोमा घाट व्यवस्थापन समिति के अध्यक्ष सुग्रीव यादव ने बताया की अनोमा घाट पर ही भगवान बुद्ध ने अपना राजसी वस्त्र को त्याग कर तथा अपने बालों को मुड़वा कर भिक्षु का रूप धारण किया था। और फिर यहीं से ज्ञान की खोज में गौतम बुद्ध भारत के वैशाली की तरफ प्रस्थान किए थे।अनोमा घाट पहुंचे ऑस्ट्रेलिया से आए बौद्ध भिक्षु शांताचार्य ने बताया की आप चाहें जितना भी धन संपत्ति अर्जित कर लो लेकिन इससे मन को शांति नही मिलेगी। मन की शांति के लिए बुद्ध शिक्षा उपयोगी है। इसलिए हमलोग बुद्ध शिक्षा को ग्रहण करने के उद्वेश्य से नेपाल तथा भारत के बौद्ध गुंबाओ में जा कर शत्रु पाठ कर रहे है। और गौतम बुद्ध के दिए गए संदेश का प्रचार प्रसार कर रहे है।बौद्ध भिक्षुणी शाक्य धमनिमा ने बताया की हमलोग नेपाल के कपिलवस्तु से भारत के वैशाली तक के यात्रा पर निकले है। हमारी टोली भगवान बुद्ध के पालन पोषण करने वाली माता महा प्रजापति गौतमी के द्वारा किए गए पद यात्रा का स्मरण करते हुए पदयात्रा पर निकले है।
















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