मनरेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा : एक ही कार्य को दो लोकेशन दिखाकर सैकड़ों मजदूरों की फर्जी हाजिरी
अररिया (कुर्साकाटा)।
जिला अररिया के कुर्साकाटा प्रखंड अंतर्गत सिक्टिया पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में मजदूरों के नाम पर फर्जी हाजिरी का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार, एक ही गाद निकासी कार्य को दो अलग-अलग लोकेशन दिखाकर बिना काम कराए सैकड़ों मजदूरों की हाजिरी कई दिनों से एनएमएस ऐप पर दर्ज की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि उक्त कार्य में पूरब साइड की लोकेशन दिखाकर लगभग 90 मजदूरों की और पश्चिम साइड की लोकेशन दिखाकर 69 मजदूरों की हाजिरी लगाई जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि इन स्थानों पर कार्य नगण्य या बिल्कुल नहीं हुआ है।
मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना, जो ग्रामीणों को सौ दिन का रोजगार देने की गारंटी देती है, उसे पंचायत स्तर पर ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया जा रहा है। आरोप है कि पंचायत रोजगार सेवक की भूमिका संदेह के घेरे में है, जिनकी जिम्मेदारी कार्य की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की होती है।
ग्रामीणों ने बताया कि सिक्टिया पंचायत में तैनात रोजगार सेवक रमन यादव ही जागीरपरासी पंचायत में भी पदस्थ रहे हैं, जहां उन पर पहले भी बिना काम कराए मजदूरों की फर्जी हाजिरी एनएमएस ऐप पर दर्ज करने के आरोप लग चुके हैं। उस समय ग्रामीणों ने विरोध भी जताया था, बावजूद इसके कथित तौर पर ऐसे मामलों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का आरोप है कि यहां वार्ड सदस्य की मिलीभगत से लोगों को ₹50 देकर केवल फोटो खिंचवाया जाता है, ताकि हाजिरी दर्ज कर मजदूरों के नाम पर राशि की निकासी की जा सके। इससे वास्तविक जरूरतमंद मजदूर रोजगार से वंचित हो रहे हैं।
इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि पंचायत स्तर पर ही जनप्रतिनिधि और कर्मी मिलकर गारंटी वाली योजना को भ्रष्टाचार का शिकार बनाएंगे, तो ग्रामीण विकास की परिकल्पना कैसे साकार होगी।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाते हैं और दोषियों पर कब तक कार्रवाई होती है।






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