मनरेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है

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मनरेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा: एकाम्बा पंचायत में दो स्थानों पर मजदूरों की फर्जी हाजिरी का खुलासा

जिला पूर्णिया, प्रखंड जलालगढ़ के एकाम्बा पंचायत में मनरेगा योजना में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार पंचायत के दो अलग-अलग कार्यस्थलों पर मजदूरों की फर्जी तरीके से हाजिरी लगाई जा रही है।

फोटो खिंचवाकर मजदूर गायब बिहार न्यूज़ हब की पड़ताल में बड़ा खुलासा

अकम्बा पंचायत के वार्ड नंबर 11 में बिहार न्यूज़ हब की टीम जब मौके पर पहुंची तो पाया गया कि वहां कुछ मजदूरों को सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए खड़ा किया गया था। 4 कुदाल आगे रखकर फोटोशूट कराया गया, और उसके बाद मजदूर व मेठ मौके से गायब हो गए।

जब टीम ने स्थानीय लोगों से पूछा कि क्या मजदूर नियमित रूप से काम कर रहे हैं, तो लोगों ने बताया:

काम क्या करते हैं, थोड़ा देर आते हैं, फोटो खींचते हैं और चले जाते हैं। आज भी 5 मिनट पहले आए, फोटो लिया और चले गए।”

65 मजदूरों की फर्जी हाजिरी — वर्क कोड: 20428452

स्थान पर जांच के दौरान पता चला कि NMS ऐप पर लगातार 65 मजदूरों की हाजिरी कई दिनों से लगाई जा रही है, जबकि मौके पर काम होता हुआ दिखाई नहीं देता।

वर्क का विवरण:

वर्क कोड: 0523012001/FP/20428452

MSR No.: 6989

कार्य: मुख्य बांध से हाजी कमरुद्दीन के खेत तक बांध सह सड़क निर्माण

मेठ: सुनिता देवी (जिन्हें फर्जी हाजिरी के आरोप में चिन्हित किया गया)

दूसरे कार्य में भी वही कहानी 79 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी

अकम्बा पंचायत के दूसरे कार्यस्थल पर भी टीम ने जांच की। यहां भी मजदूरों को सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए बुलाया जा रहा था।

वर्क का विवरण:

वर्क कोड: 0523012001/FP/20428451

MSR No.: 7006

कार्य: अकाम्बा कब्रिस्तान से मोहिउद्दीन के खेत होते हुए सिराज अंसारी के खेत तक बांध सह सड़क निर्माण

मेठ: सुनिता देवी

NMS ऐप पर हाजिरी: लगातार 79 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज

रोजगार सेवक की प्रतिक्रिया

जब हमारे संवाददाता रिजवान आलम नूरी ने पंचायत रोजगार सेवक से बात की, तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा:

अच्छा-अच्छा… हम देखते हैं।”
जांच की मांग

इस पूरे मामले में यह साफ दिख रहा है कि मनरेगा योजना का गलत इस्तेमाल कर मजदूरों के नाम पर पैसे की लूट की जा रही है।
हम उच्च अधिकारियों से मांग करते हैं कि:

इस पूरे मामले की जांच कराई जाए

मेठ व संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए

मजदूरों के हक का पैसा मजदूरों को मिलनी चाहिए।

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