नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जीएमसीएच में जागरूकता कार्यक्रम

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नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जीएमसीएच में जागरूकता कार्यक्रम

छात्र-छात्राओं, चिकित्सकों एवं उपस्थितजनों ने लिया नशामुक्त जीवन का संकल्प

बेतिया, 18 अगस्त 2026।
नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 18 अगस्त 2026 को दोपहर 2:45 बजे गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH), बेतिया में एक विशेष आध्यात्मिक एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, सुपरिटेंडेंट, चिकित्सकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं एवं अन्य प्रतिभागियों ने नशामुक्त एवं स्वस्थ जीवन जीने की प्रतिज्ञा ली।

कार्यक्रम का शुभारंभ राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी रानी दीदी जी, ब्रह्माकुमारी कंचन दीदी जी, ब्रह्माकुमारी अंजना दीदी जी, जीएमसीएच की प्राचार्य डॉ. सुधा भारती जी, सुपरिटेंडेंट डॉ. अनिल कुमार जी, डॉ. राजेश एवं डॉ. अजय द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्वलन के माध्यम से अज्ञानता एवं नशे के अंधकार से निकलकर ज्ञान, जागरूकता, सकारात्मकता और स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ने का संदेश दिया गया।

*आत्म-जागरूकता एवं आध्यात्मिक चेतना का संदेश*

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी रानी दीदी जी ने विद्यार्थियों को आत्मा के वास्तविक स्वरूप एवं आध्यात्मिक पहचान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि मनुष्य केवल शरीर नहीं, बल्कि एक चेतन आत्मा है और जब व्यक्ति अपनी वास्तविक पहचान को समझता है तो उसके विचार, भावनाएं और जीवनशैली सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने लगती है।

उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में आत्म-जागरूकता, अनुशासन, सकारात्मक चिंतन और श्रेष्ठ संगति को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि मजबूत इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच व्यक्ति को अनेक नकारात्मक आदतों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

*नशे से मुक्ति के लिए सकारात्मक जीवनशैली पर जोर*

ब्रह्मा कुमार भास्कर भाई जी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए नशे से जीवन को मुक्त रखने के विभिन्न सकारात्मक उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नशा केवल शरीर को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि व्यक्ति के मन, बुद्धि, परिवार, शिक्षा, करियर और सामाजिक जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे नशे को जीवन में प्रवेश करने का अवसर ही न दें तथा अपने आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि मजबूत संकल्प, सकारात्मक सोच, स्वस्थ दिनचर्या, अच्छे मित्रों का साथ और आध्यात्मिक जागरूकता नशामुक्त जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं।

*राजयोग मेडिटेशन से सकारात्मकता का अनुभव*

ब्रह्माकुमारी कंचन दीदी जी ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित चिकित्सकों को राजयोग मेडिटेशन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मेडिटेशन के माध्यम से मन को शांत, एकाग्र और सकारात्मक बनाया जा सकता है। उन्होंने राजयोग की सरल विधि समझाते हुए विद्यार्थियों को अपने विचारों पर ध्यान देने तथा सकारात्मक विचारों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने बताया कि जब मनुष्य अपने मन को सकारात्मक एवं श्रेष्ठ विचारों से जोड़ता है, तो उसके भीतर आत्मविश्वास, शांति, खुशी और आंतरिक शक्ति का अनुभव बढ़ता है। नियमित राजयोग मेडिटेशन विद्यार्थियों को तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी संतुलित रहने तथा जीवन में सही निर्णय लेने में सहयोग कर सकता है।

*रक्षाबंधन पर दिया गया आध्यात्मिक संदेश*

कार्यक्रम के समापन अवसर पर रक्षाबंधन पर्व के आध्यात्मिक महत्व को विशेष रूप से समझाया गया। ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा उपस्थित चिकित्सकों, छात्र-छात्राओं एवं अन्य प्रतिभागियों को रक्षासूत्र बांधा गया।

इस अवसर पर बताया गया कि रक्षाबंधन केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि पवित्रता, आत्म-संयम, श्रेष्ठ संकल्प और नकारात्मक आदतों से स्वयं की रक्षा करने का आध्यात्मिक संदेश भी देता है। उपस्थितजनों को प्रेरित किया गया कि वे अपने जीवन में श्रेष्ठ संकल्प धारण करें और स्वयं को नशे जैसी हानिकारक आदतों से सुरक्षित रखें।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं चिकित्सकों ने नशामुक्त जीवन जीने, स्वयं नशे से दूर रहने तथा समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

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