बालश्रमिकों से मजदूरी कराने पर 2 लाख जुर्माना।
शहाबुद्दीनअहमद/बेतिया। Bihar News Hub
इन दिनों दुकान,गैरेज, होटलों,बड़े-बड़े प्रतिष्ठान, निजी मकानों में बालश्रमिकों के द्वारा मजदूरी का काम कराया जा रहा है,इस संदर्भ में,श्रमअधीक्षक,विजय कुमार ठाकुर ने संवाददाता को बताया कि इस बालश्रमिकों की विमुक्ति के लिए बेतिया प्रखंडअंतर्गत,विभेश कुमार सिंह,श्रम परिवर्तन पदाधिकारी,बेतिया सदर के नेतृत्व में बेतिया प्रखंड के विभिन्न दुकानों एवं प्रतिष्ठान पर धवा दल की टीम के द्वारा सघन जांच अभियान चलाया गया। जांच के क्रम में बेतिया नगर थाना क्षेत्र के बंगाली कॉलोनी के सत्यम डेरी एंड स्वीट्स के दुकान में एक बाल श्रमिक को विमुक्त कराया गया,विमुक्त बालश्रमिक को बाल कल्याण समिति बेतिया के समक्ष उपस्थापित कर निर्देशनअनुसार उन्हें बालगृह में रखा गया है।
श्रमअधीक्षक ने संवाददाता को बताया कि बालश्रमिकों को किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में कार्य करना बाल एवं किशोर श्रमअधिनियम 1986 केअंतर्गत गैर कानूनी है। बालश्रमिकों से कार्य कराने वाले व्यक्तियों को ₹20 हजार से लेकर ₹50, हजार तक का जुर्माना के साथ 2 वर्षों तक का कारावास का सजा का प्रावधान है। नियोजकों से प्रति बालश्रमिक के लिए ₹20 हजारअलग से राशि वसूल की जाएगी,जो जिला पदाधिकारी के पद नाम से संधारित् जिला बालश्रमिक पुनर्वास सह कल्याण कोष में जमा किया जाएगा।राशि को जमा नहीं करने वाले नियोजक के विरुद्ध एक सर्टिफिकेट केस या नीलाम पत्र वाद अलग से दायर किया जाएगा।धावादल टीम के सदस्य के रूप में लोकेश कुमार झा,श्रम परिवर्तन पदाधिकारी चनपटिया,भीम कुमार,श्रम परिवर्तन पदाधिकारी मझौलिया, प्रदीप कुमार सिंह,श्रम परिवर्तन पदाधिकारी, सिकटा एवं स्मृति कुमारी श्रम परिवर्तन पदाधिकारी, लोरिया साथ में थी।धावादल की टीम के द्वारा बेतिया प्रखंड स्थित सभी दुकान एवं प्रतिष्ठान पर सघन जांच की गई।श्रमअधीक्षक के द्वारा संवाददाता को बताया गया कि धावादल के द्वारा प्रत्येक सप्ताह जांच की जाएगी,यह जांच पूरे नगर क्षेत्र एवं प्रखंड क्षेत्र में भी होगी।














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