दिलशाद अंसारी हत्याकांड में न्याय की मांग तेज, शहीद पार्क से निकला न्याय मार्च मुहर्रम चौक पर रोका गया
25 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
बेतिया, पश्चिम चंपारण।
दिलशाद अंसारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर बेतिया में न्याय मार्च निकाला गया। शहीद पार्क से कलेक्ट्रेट की ओर जा रहे इस न्याय मार्च को मुहर्रम चौक के पास पुलिस द्वारा बलपूर्वक रोक दिए जाने की बात सामने आई है। मार्च में शामिल लोग जिला प्रशासन तक अपनी मांगें पहुंचाना चाहते थे, लेकिन रास्ते में ही पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
इस मामले को लेकर जिला पदाधिकारी को दिए गए आवेदन में मृतक दिलशाद अंसारी के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की गई है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि दिलशाद अंसारी की मौत पुलिस हिरासत में हुई थी। इसी मामले में निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई है।
न्याय की मांग कर रहे लोगों ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। दूसरी, पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। तीसरी, मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, ताकि परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके।
अब सवाल यह उठता है कि न्याय की मांग लेकर कलेक्ट्रेट जा रहे लोगों को मुहर्रम चौक पर क्यों रोका गया? पुलिस की ओर से मार्च रोकने के संबंध में क्या कारण बताया गया, इसकी भी पुष्टि जरूरी है।
फिलहाल, दिलशाद अंसारी के मामले में न्याय, निष्पक्ष जांच, मुआवजे और रोजगार की मांग को लेकर पीड़ित पक्ष अपनी आवाज उठा रहा है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में क्या कार्रवाई होती है।
बेतिया से बिहार न्यूज़ हब की रिपोर्ट।
दिलशाद अंसारी हत्याकांड में न्याय की मांग तेज, शहीद पार्क से निकला न्याय मार्च मुहर्रम चौक पर रोका गया
















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